महोबा शहर कोतवाली इलाके में मंगलवार रात हुई घटना ने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. हमलावरों ने चंदेल पेट्रोल पंप के ठीक सामने समदनगर मोहल्ले के रहने वाले 28 साल के जयवेंद्र सिंह उर्फ विक्की को अचानक घेर लिया. जबतक वह कुछ समझ पाता, हमलावरों ने कुल्हाड़ी से उस पर बैक-टू-बैक कई हमले किए. बेरहमी से किए गए इन हमलों में उसके हाथ कलाई से लगभग अलग हो गए, पैर भी कटा है और सिर पर भी गहरे घाव आए हैं. वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए.
युवक सड़क पर पड़ा तड़प रहा था. तभी राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. खबर मिलते ही जयवेंद्र सिंह की मां बदहवास हालत में मौके पर पहुंची और अपने लाडले के कटे हुए हाथों को कपड़े से बांधने की कोशिश करने लगी. वहीं मौके पर पहुंची डायल 112 ने विक्की को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद नाजुक हालत को देखते हुए तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया. पुलिस ने पीड़ित के बयान अस्पताल में ही दर्ज कर लिए और आरोपियों की तलाश में जुट गई.
इस मामले में सत्ताधारी दल के नेता का नाम सामने आने के बाद पूरे इलाके में तनाव और हड़कंप का माहौल है. घायल विक्की के पिता राजा बाबू सिंह और भाई आलोक सिंह ने इस पूरी वारदात के पीछे अपने ही मोहल्ले के रहने वाले बीजेपी नेता शिवप्रताप सिंह परमार और उसके साथियों का नाम लिया है. परिजनों का कहना है कि विक्की पेट्रोल पंप पर तेल डलवाने गया था, तभी उस पर ये जानलेवा हमला हुआ.
भाई आलोक सिंह का कहना है कि आरोपी बीजेपी नेता शिवप्रताप सिंह परमार से उनकी कोई पुरानी रंजिश नहीं थी, लेकिन सत्ता के रसूख के दम पर उसने इस खूनी खेल को अंजाम दिया है. वहीं जिला अस्पताल के डॉक्टर शिशुपाल ने बताया कि विक्की की हालत बेहद नाजुक है. उसके दोनों हाथ लगभग कट कर अलग हो चुके थे, जिन्हें सपोर्ट देकर बांधा गया है. पैर भी कटा है और सर पर भी धारदार हथियार के गहरे निशान हैं.
एएसपी वंदना सिंह ने बताया कि पीआरवी के जरिए कोतवाली नगर क्षेत्र के समदनगर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति के साथ मारपीट की सूचना मिली थी. स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर उसे जिला अस्पताल महोबा भेजा. घायल की पहचान विक्की ठाकुर पुत्र राजाबाबू सिंह निवासी सुभाष नगर के रूप में हुई है. घटना में एक पूर्व परिचित व्यक्ति की संलिप्तता सामने आई है, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. परिजनों से तहरीर पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है. मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है और आगे की कार्रवाई कानून के मुताबिक की जा रही है.